अलंकार,रस एवं छन्द
Direction: निम्नलिखित प्रश्नों में प्रयुक्त अलंकार भेद का चयन करें ?
- गर्व करउ रघुनंदन जिन मन माँह,
देखउ आपन मूरति सिय के छाँह।
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सही विकल्प: D
गर्व करउ रघुनंदन जिन मन माँह, देखउ आपन मूरति सिय के छाँह। उपर्युक्त पंक्तियों में प्रतीप अलंकार है। प्रतीप अलंकार में उपमेय को उपमान रूप में तथा उपमान को उपमेय रुप में प्रदर्शित किया जाता है। यहां उपमेय राम और उपमान 'सिय के छाँह' है।
- पट-पीत मानहुं तड़ित रुचि, सुचि नौमि जनक सुतावरं
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NA
सही विकल्प: A
"पट-पीत मानहुं तड़ित रुचि, सुचि नौमि जनक सुतावरं।" उपयुक्त पंक्तियों में उपमा अलंकार है। उपमा अलंकार में प्रस्तुत वस्तु की किसी अप्रस्तुत वस्तु के गुण, रूप एवं धर्म से तुलना की जाती है।
- माया महाठगिनि हम जानी।
तिरगुन फांस लिए कर डोलै, बोलै मधुरी बानी।
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सही विकल्प: A
माया महाठगिनि हम जानी। तिरगुन फांस लिए कर डोलै, बोलै मधुरी बानी। उपर्युक्त पंक्तियों में श्लेष अलंकार है। श्लेष अलंकार में एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं। यहां माया को 'महाठगिनि' और 'मधुर' बोली वाणी बोलने वाले रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- तू रूप में किरण में, सौंदर्य है सुमन में।
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NA
सही विकल्प: D
तू रूप में किरण में, सौंदर्य है सुमन में। उपर्युक्त पंक्तियों में उल्लेख अलंकार है। एक ही वस्तु का अनेक रूपों में वर्णन किया गया हो वहां उल्लेख अलंकार होता है। यहां पर रूप, किरण एवं सुमन में एक ही वस्तु के रूप का वर्णन किया गया है।
- अब अलि रही गुलाब में, अपत कटीली डार
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NA
सही विकल्प: C
अब अलि रही गुलाब में, अपत कटीली डार। उपर्युक्त पंक्तियों में अन्योक्ति अलंकार है। अन्योक्ति अलंकार के अंतर्गत अप्रस्तुत के माध्यम से प्रस्तुत को व्यंजित किया जाता है।