Direction: निम्नलिखित प्रश्नों में दिए गए अनुच्छेदों के पहले और अंतिम वाक्यों में क्रमशः (1) और (6) की संज्ञा दी गई है। इसके मध्यवर्ती वाक्यों को चार भागों में बांटकर (य),(र),(ल),(व) की संज्ञा दी गई है। ये चारों वाक्य व्यवस्थित क्रम में नहीं है। इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित कदम चुनिए, जिससे सही अनुच्छेद का निर्माण हो।
-
(1) जीवन में व्यक्ति को सच्चा सुख तबी मिलता है जब हम अपना सर्वस्व दूसरों के लिए लुटा दें।
(य) दूसरों के लिए जीने में ही सच्चा आनंद और सुख मिलता है।
(र) किसी से कुछ पाने की इच्छा रखना मनुष्य के लिए दुःखदायी है।
(ल) यदि कोई आदमी पाने की अपेक्षा रखता है तो उसे सुख नसीब नहीं होता।
(व) अपने लिए जीना भी कोई जीना है।
(6) कारण स्पष्ट है क्योंकि इच्छा की पूर्ति किसी दूसरे पर निर्भर है।
-
- व ल र य
- य ल र व
- व य र ल
- व र ल य
- व ल र य
सही विकल्प: C
(1) जीवन में व्यक्ति को सच्चा सुख तबी मिलता है जब हम अपना सर्वस्व दूसरों के लिए लुटा दें। (व) अपने लिए जीना भी कोई जीना है।(य) दूसरों के लिए जीने में ही सच्चा आनंद और सुख मिलता है। (र) किसी से कुछ पाने की इच्छा रखना मनुष्य के लिए दुःखदायी है। (ल) यदि कोई आदमी पाने की अपेक्षा रखता है तो उसे सुख नसीब नहीं होता। (6) कारण स्पष्ट है क्योंकि इच्छा की पूर्ति किसी दूसरे पर निर्भर है।