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Direction: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न संख्या 282 से 284 तक के प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प के आधार पर दीजिए-

प्रत्येक मनुष्य अपने तरीके से जीवन जीता है लेकिन जीवन तीन तरह का होता है- पहला परोपकारी जीवन, दूसरा सामान्य जीवन, और तीसरा अपकारी जीवन। इन्हें उत्तम, माध्यम अधम भी कहा जाता है। जो व्यक्ति उत्तम जीवन जीता है उसका जीवन दूसरों की भलाई के लिए होता है उसके कार्यों से समाज में सुख ऐश्वर्य एवं प्रगति की पढोत्तरी होती है। सामान्य जीवन वह होता है जो परंपरा के आधार पर चलता है, कोई बहुत ऊँची समाजोत्थान की भावना नहीं होती। अपकारी जीवन को राक्षसी जीवन कहा जाता है। इस तरह के जीवन से समाज में सभी तरह की समस्याएँ पैदा होती है। यदि हम इस धरती पर समस्याओं को कम करना चाहते हैं तो हमें परोपकारी जीवन जीना चाहिए। सभी के मन में सभी के प्रति प्रेम, दया, करुणा, अहिंसा, सत्य, ईमानदारी एवं सद्भावना होनी चाहिए। जब तक हमारे मन से स्वार्थ की भावना नहीं हटेगी तब तक हम उत्तम जीवन अर्थात् परोपकारी जीवन जीने में सफल नहीं हो सकते। हमें ' स्व ' के लिए न जी कर ' पर ' हेतु जीना चाहिए।

  1. उत्तम जीवन की क्या विशेषता है ?
    1. उत्तम जीवन में लोग स्वार्थी होते हैं। केवल अपने लिए जीवन जीते हैं।
    2. उत्तम जीवन परोपकारो होता है। ऐसा जीवन जीने वाले समाज में सुख, ऐश्वर्य और प्रगति की बढ़ोत्तरी करते हैं।
    3. उत्तम जीवन में लोग ' स्व ' के लिए जीवन जीते हैं।
    4. इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प: B

उत्तम जीवन परोपकारो होता है। ऐसा जीवन जीने वाले समाज में सुख, ऐश्वर्य और प्रगति की बढ़ोत्तरी करते हैं।



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