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Direction: दिए गए गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्न का उत्तर दीजिए। कुछ शब्दों को मोटे अक्षरों में मुद्रित किया गया है, जिससे आपको प्रश्न का उत्तर देने में सहायता मिलेगी। दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन करना है।

बचपन में कहानियों का अपना अलग ही संसार होता है। यह कहानियां ऐसे अद्भुत संसार में ले जाती है, जहाँ महल ,राजा, रानी, राजकुमार और परियाँ होती है। उड़ने वाले घोड़े और परियों परियोँ इस लोक से परे किसी दूसरे लोग की सैर कराने ले जाते हैं। दाल भात में मुसलचंद की तरह राक्षस भी आते हैं। जिनकी गिरफ्त में फँसी राजकुमारी तब तक फूल सूँघ कर रहती है जब तक राजकुमार उसे छोड़ा नहीं ले जाता। वह राक्षस के परखचे उड़ा देता है। छू-मंतर करके किसी को भी कुछ भी बना दे देने वाली छड़ी रखने वाला जादूगर भी होता है, जो पाठकों या श्रोताओं को एक मायावी संसार में विचरण करता है। जानवरों की कहानियां पूरे जंगल की घर बैठे सैर कराने के साथ मन पर अमिट छाप छोड़ने वाली शिक्षा भी देती है। 'अभिमंत्रित जल 'की चमत्कारी शक्तियों के साथ कोई सिद्ध पुरुष भी होता है जो मुर्दे में जान डाल देता है। बचपन की लगभग हर कहानी का अंत बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ होता है। बच्चे यह कहानियाँ दम साधे पढ़ते-सुनते हैं।

वास्तविक संसार में फैंटेसी नहीं होती। पता नहीं कैसे कैसे और कैसा कैसा जीवन जीते हैं लोग। यहाँ कोई जादूगर नहीं है जो सिर्फ घड़ी घुमाकर सब कुछ ठीक कर दे। कहाँ है, अपने उड़ने वाले घोड़े के साथ राजकुमार जो क्रूर राक्षसों के बीच फँसी राजकुमारी का दुःख चुटकियों में दूर कर दे। इस स्वार्थी दुनिया में येन केन प्रकारेण अपने स्वार्थ साधने के लिए किसी भी हद तक गुजर जाने वाले पापियों का संहार करने के लिए भगवान क्यों नहीं प्रगट होते ? कहानियों वाले कोमल दिल के लोग नजर क्यों नहीं आते जो किसी को दुःखी होता देख पिघल उड़ते हैं। संवेदनाओं के धरातल पर कोमल, भावनाएँ क्यों नहीं उगतीं। ऐसी स्थिति में तो ' कहानियों को मर जाना चाहिए था, पर वे मरी नहीं, क्योंकि संवेदनाएँ जगाने में कहानियों की अपनी भूमिका है।

  1. उक्त गद्यांश के अनुसार ' कहानी ' को मर जाना चाहिए था, पर वो मरी नहीं, क्योंकि ............
    1. काल्पनिक और वास्तविक संसार में बहुत अंतर है
    2. पुरानी और नई सोच के बीच बहुत अंतर है
    3. संवेदनाओं के धरातल पर कोमल भावनाएँ नहीं उगती
    4. संवेदनाएँ जगाने में कहानियों की अपनी भूमिका है
    5. जीवन के कटु सत्य अपनी पहचान खो रहे हैं।
सही विकल्प: D

गद्यांश के अनुसार वर्तमान संदर्भ में ' कहानी ' को मर जाना चाहिए था, पर वह मरी नहीं, क्योंकि संवेदनाएँ जगाने में कहानियो की अपनी विशिष्ट भूमिका है। कहानियाँ महुष्य की अंतरात्मा को झकझोरने और जगाने में समर्थ हैं। गलत करते या सोचते हुए मनुष्य की आत्मा को शिक्षाप्रद कहानियाँ दुविधा में डाल देती हैं और अन्ततः उसे सही मार्ग पर लेन के लिए विवश कर देती हैं। ऐसे अनेक उदाहरण हम स्वयं में और अपने आस-पास देख सकते है। यही कारन है कि कहानियाँ नहीं मरतीं।



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