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Direction: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। कुछ शब्द को मोटे अक्षरों में मुद्रित किया गया है, जिससे आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर देने में सहायता मिलेगी।

भारत जैसे बहुभाषी देश में अनुवाद हमारे सामाजिक, राजनीतिक बौद्धिक और व्यावसायिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। भिन्न-भिन्न भाषाओं वाले प्रदेश के बीच का सम्पर्क तो अनुवाद की अपेक्षा रखता ही है साथ ही केंद्रीय सरकार की राजभाषा के रूप में अभी भी अंग्रेजी के जारी रहने, केंद्रीय और प्रादेशिक सरकारों की सम्पर्क भाषा के रूप में अंग्रेजी के प्रचलित रहने, शैक्षणिक विश्वविद्यालय औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य देशों के साथ राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक संबंधों में अंग्रेजी के प्रचलित रहने से भारतीय समाज में और इस तरह हिन्दी प्रदेश में भी अभी भी अंग्रेजी का प्रचलन जारी है। ऐसी स्थिति में अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करने की बराबर आवश्यकता बनी रहती है इसलिए अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद के कौशल से परिचित होना आवश्यक है।

अनुवाद कोई यांत्रिक कार्य नहीं है, यह मक्खी पर मक्खी चिपकाना नहीं है, यह अनुवाद की अपनी वैचारिक उड़ान भी नहीं है। अनुवाद न तो शब्दकोश की कलाबाजी है न अनुवादक की अपनी एक स्वतंत्र रचना। अनुवाद एक जटिल प्रक्रिया है जिस का निर्वाह एक अच्छा प्रषाविद्, विषय का विद्वान तथा अनुभवी लेखक ही कर सकता है। अनुवाद में प्रथम भाषा (जिस भाषा का अनुवाद किया जाता है ) में अंकित मूल्य आशय को उसके सम्पर्क संस्कृतिक-वैचारिक संदर्भ में आत्महत्या करना चाहिए तथा भाषा ( जिस भाषा में अनुवाद किया जाता है ) के अपने संस्कृति वैचारिक संदर्भ के मूल आशय को इस प्रकार प्रस्तुत करना चाहिए कि प्रथम भाषा का आशय भी क्षतिग्रस्त न हो और द्वितीय भाषा के अपने अंदाज, प्रवाह और प्रकृति भी अक्षुण्ण बनी रहे।

इसलिए अनुवाद के शब्द के स्थान पर शब्द नहीं, बल्कि वाक्य के स्थान पर वाक्य भी अनुदित नहीं करना चाहिए। उसे आशय के स्थान पर आशय अनुदित करना चाहिए, फिर चाहे उसमें शब्द के स्थान पर शब्द आए या वाक्य के स्थान पर वाक्य। इसलिए अच्छे अनुवाद में संभव है कि एक शब्द को अनेक शब्द में और अनेक शब्दों को एक शब्द में, यहाँ तक कि एक वाक्य को अनेक वाक्यों में और अनेक वाक्य को एक वाक्य में अनुदित कर दिया जाए। अतः अच्छा अनुवादक प्रथम भाषा के आशय की द्वितीय भाषा में लाने के लिए द्वितीय भाषा के शब्दों का चयन, शब्दों का संयोजन, वाक्य की रचना, मुहावरों का प्रयोग इस प्रकार करता है कि वह एक नई रचना-सी लगने लगती है। इसी प्रकार के पुनःसृजन के संदर्भ में अनुवाद वस्तुतः एक कला है। अनुवाद कला है इसलिए कम्प्यूटर के व्यापक विकास के बावजूद अभी भी अच्छा अनुवाद केवल मानव मस्तिष्क द्वारा ही संभव है, कम्प्यूटर द्वारा नहीं। कम्प्यूटर मक्खी पर मक्खी बिठा सकता है किन्तु मक्खी पर मक्खी बिठाना अनुवाद नहीं है।

  1. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार भारत किस प्रकार का देश है।
    1. बहुविध
    2. बहुश्रुत
    3. बहुभाषी
    4. बहुधंधी
    5. बहुआयामी
सही विकल्प: C

NA



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