Direction: नीचे लिखे निबंध को पढ़कर दिये गये प्रश्न का उत्तर दीजिए।
कन्नड साहित्य के इतिहास में कवि मुद्दण का नाम गर्व से लिया जाता जा सकता है। उसका ( आपका ) असली नाम लक्ष्मीनारायण था। वे मंगलूर के मंगलूर जिले के नंदलिके में पैदा हुए थे। बचपन में आप अपनी माता के साथ पुराण और कीर्तन सुनने जाते थे। यक्षगान देखने में आपको बड़ा आनंद मिलता था।
आप यक्षगान के अभिनय करते थे। यक्षगान लिखने भी लगे। उडुपी के एक उच्च विद्यालय में आप व्यायाम शिक्षक का काम करने लगे। स्वाध्याय से अपने संस्कृत साहित्य में पंडित्य पाया। श्रीरामाश्वमेध, अद्भुत रामायण, कुमार विजय आदि आपकी रचनायें हैं। कवि मुद्दण की पत्नी का नाम ' मनोरमा ' था। घर की गरीबी के कारण यह श्रेष्ठ कवि अपनी 31 वर्ष की अवस्था में क्षयरोग से स्वर्ग सिधारे।
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कवि मुद्दण का असली नाम ..............था।
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- नारायण
- लक्ष्मण
- लक्ष्मीनारायण
- लक्ष्मन
सही विकल्प: C
कवि मुद्दण का असली नाम लक्ष्मीनारायण था।