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Direction: निम्नलिखित अनुच्छेद पढ़ कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

ईश्वर ने संसार के सारे रहस्य प्रकृति में छुपाकर रख दिए थे। मनुष्य ने अपने परिश्रम और प्रयत्न से उन रहस्य पर से पर्दा उठा दिया। यह कहना गलत है कि मनुष्य संसार में आते समय अपना भाग्य लेकर आता है, वास्तव में वह अपने भाग्य का स्वयं निर्माता है जिसे वह अपनी मेहनत से बनाता है। प्रकृति मनुष्य के भाग्य से डर कर नहीं बल्कि उसके परिश्रम से हार मानती है। जो लोग भाग्य पर विश्वास करते हैं, वे असली हैं। वास्तव में वीर और परिश्रमी व्यक्ति अपना भाग्य स्वयं बनाता है।

  1. प्रकृति किस्से हार मानती है ?
    1. परिश्रम से
    2. भाग्य से
    3. व्यक्ति
    4. कायर से
सही विकल्प: A

प्रकृति ' परिश्रम से ' हार मानती है।



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