Direction: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर संबद्ध वैकल्पिक उत्तरों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जब रूप के साथ चरित्र का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति होती है। एक वस्तु सुन्दर तथा मनोहर कही जा सकती है, परंतु सुन्दर वस्तु केवल इन्द्रियों को संतुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित्त को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का बसंत चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है क्योंकि इसमें चरित्र की प्रधानता है। सुन्दर शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है, उसे मनोहर कहते हैं।
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सौन्दर्य की परख की जाती है
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- आनन्द की मात्रा के आधार पर
- इन्द्रियों की संतुष्टि के आधार पर
- रूप के आधार पर
- मनोहरता के आधार पर
- आनन्द की मात्रा के आधार पर
सही विकल्प: D
मनोहरता के आधार पर सौन्दर्य की परख की जाती है।