Direction: निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
" भारतीय नारी त्याग, बलिदान, साहस, शक्ति तथा सेवा की सजीव मूर्ति है। जीवन के सुख-दुःख में छाया की भाँति पुरुष का साथ देना के कारन यह अर्धांगिनी, घर की व्यवस्थापक होने के कारण वह लक्ष्मी और श्लाघनीय गुणों के कारण वह देवी कही जाती है। स्वार्थ और भोगलिप्सा को तिलांजलि देकर भारतीय नारी ने आत्मबलिदान के द्वारा समय पर ऐसी ज्योति प्रज्वलित की है कि उसके पुनीत प्रकाश में पुरुष ने अपना मार्ग ढूँढा है। उसकी शक्ति के आगे तो यमराज को भी हारना पड़ा। नारी का सम्मान करके ही पुरुष का जीवन-कुसुम सुवासित होता है। भारतीय संस्कृति के अनुसार जहाँ नारी का सम्मान होता है, देवता निवास करते हैं। "
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नारी के शक्ति के आगे किसको हारना पड़ा ?
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- भगवान को
- पुरुष को
- यमराज को
- जगत् को
- भगवान को
सही विकल्प: C
नारी के शक्ति के आगे ' यमराज ' को हारना पड़ा। यहाँ नारी से अभिप्राय ' सावित्री ' से है।