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निम्नलिखित कथनों का अध्ययन करें
1. वनस्पति विहीन क्षेत्रों में तीव्र पवनें भँवर उत्पन्न करती है, जिसमें कमजोर एवं कोमल चट्टानें घर्षण से टूट जाती है फलतः एक तश्तरीनुमा आकृति बन जाती है।
2. मरुस्थलीय भागों में खड़ी चट्टानों का अपरदन ऊपरी भागों की अपेक्षा निचले भागों में अधिक होता है जिसमें छतरीनुमा आकृति बन जाती है। सहारा रेगिस्तान में इसे 'हमादा' कहते हैं।
3. बेहद बारीक कण जो पवनों द्वारा मरुस्थलीय भाग से उड़ाकर ले जाए जाते हैं। सैकड़ों किलोमीटर दूर निक्षेपित होते हैं। इस तरह से निक्षेप में परतें नहीं पाई जाती हैं। ऑक्सीकरण के प्रभाव से इसका रंग पीला हो जाता है।
4. वायु द्वारा मुलायम चट्टानों का अपरदन कर दिया जाता है फलतः कठोर चट्टान के टीले यत्र - तत्र दिखाई देते हैं। इस गुम्बदाकार टीलों को यारडंग कहा जाता है।
उपरोक्त कथनों में गलत कथन है
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- केवल 1
- केवल 2
- केवल 3
- केवल 4
सही विकल्प: D
NA